1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. 'हमारे एक द्वीप पर कब्जा करना चाहते हैं दुश्मन', ईरान की संसद के स्पीकर के बयान से मची हलचल

'हमारे एक द्वीप पर कब्जा करना चाहते हैं दुश्मन', ईरान की संसद के स्पीकर के बयान से मची हलचल

 Published : Mar 26, 2026 08:27 am IST,  Updated : Mar 26, 2026 08:27 am IST

मुहम्मद बाग़ैर ग़ालिबफ ने दावा किया कि दुश्मन देश ईरान के एक द्वीप पर कब्जे की योजना बना रहे हैं। अब्बास अरगची ने भी कहा है कि ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिका अपने मकसद हासिल करने में नाकाम रहा है।

Iran island threat, Mohammad Bagher Ghalibaf statement, US military deployment Middle East- India TV Hindi
खार्ग द्वीप का नक्शा और ईरान की संसद के स्पीकर मुहम्मद बाग़ैर ग़ालिबफ। Image Source : AP

तेहरान: ईरान की संसद के स्पीकर मुहम्मद बाग़ैर ग़ालिबफ ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग के बीच बड़ा बयान दिया है। ग़ालिबफ ने कहा है कि उन्हें खुफिया रिपोर्ट्स मिली हैं, जिनमें दुश्मन देशों के एक ईरानी द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी का पता चला है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान अपने दुश्मनों की सभी गतिविधियों पर नजर रख रहा है। X पर अपने पोस्ट में ग़ालिबफ ने लिखा, 'कुछ खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर पता चला है कि ईरान के दुश्मन एक क्षेत्रीय देश की मदद से ईरान के एक द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं।'

'दुश्मनों की सभी गतिविधियों पर नजर'

ग़ालिबफ ने आगे लिखा, 'हमारी सेनाएं दुश्मनों की सभी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। अगर उन्होंने कोई कदम उठाया, तो उस क्षेत्रीय देश के सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर लगातार और बिना रुके हमले किए जाएंगे।' बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने भी कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने मुख्य युद्ध लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहा है। इन लक्ष्यों में तेजी से सैन्य जीत हासिल करना और तेहरान में सत्ता बदलना शामिल था।

अमेरिका भेज रहा और भी ज्यादा सैनिक

इस बीच, पेंटागन ने उत्तरी कैरोलिना स्थित अपने बेस से अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 2000 अतिरिक्त सैनिकों को मध्य पूर्व भेजने का आदेश दिया है। इसके अलावा, प्रशांत महासागर के दोनों तरफ से 2 मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट्स भी रवाना हो रही हैं। जापान से ट्रिपोली एंफीबियस रेडी ग्रुप और सैन डिएगो से बॉक्सर एंफीबियस रेडी ग्रुप आ रहा है। इन अतिरिक्त सैनिकों के आने से मध्य पूर्व में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों के साथ 6,000 से 7,000 मरीन और नाविकों की संख्या बढ़ जाएगी।

ईराक युद्ध के बाद सबसे बड़ी तैनाती

अल जजीरा के मुताबिक, यह 2003 के इराक युद्ध के बाद से अमेरिका की सबसे बड़ी तैनाती है, जब उसने 1,60,000 सैनिक भेजे थे। हालांकि अभी किसी जमीनी अभियान का आदेश नहीं दिया गया है, लेकिन तैनात सैनिकों की संख्या और अमेरिकी अधिकारियों के बयानों से कम से कम 3 संभावित परिदृश्य सामने आ रहे हैं। ये हैं खार्ग द्वीप पर कब्जा या उसका घेराव, ईरान के तट को साफ करके हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और सबसे बड़े परिदृश्य में ईरान की परमाणु सामग्री को सुरक्षित करना। ईरान की ओर से सख्त चेतावनी और अमेरिका की बड़ी सैन्य तैनाती के बीच मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश